दो दिन मनाई जाएगी जन्माष्टमी, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा की विधि

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देहरादून: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (Janmashtami) इस बार दो दिन मनाई जाएगी। लेकिन पूजा मुहूर्त को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, कृष्ण जन्माष्टमी (Janmashtami) का पर्व भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास में अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इस बार पंचांग के अनुसार अष्टमी की तिथि 11 अगस्त सुबह 9 बजकर 6 मिनट से आरंभ हो रही है। अष्टमी की तिथि 12 अगस्त को सुबह 11 बजकर 16 मिनट पर समाप्त हो रही है। 11 अगस्त को भरणी और 12 अगस्त को कृतिका नक्षत्र है। 

Janmashtami (जन्माष्टमी) की तिथि और शुभ मुहूर्त

जन्‍माष्‍टमी की तिथि: 11 अगस्‍त और 12 अगस्‍त।

अष्‍टमी तिथि प्रारंभ: 11 अगस्‍त 2020 को सुबह 09 बजकर 06 मिनट से।

अष्‍टमी तिथि समाप्‍त: 12 अगस्‍त 2020 को सुबह 05 बजकर 22 मिनट तक।

Janmashtami (जन्माष्टमी) की पूजा विधि

जन्माष्टमी के दिन भगावन श्रीकृष्ण की पूजा करने का विधान है। अगर आप भी जन्माष्टमी का व्रत रख रहे हैं तो इस तरह से भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करें।

– सुबह स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

– अब घर के मंदिर में कृष्ण जी या फिर ठाकुर जी की मूर्ति को पहले गंगा जल से स्नान कराएं।

– इसके बाद मूर्ति को दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और केसर के पंचामृत से स्नान कराएं।

– अब शुद्ध जल से स्नान कराएं।

– रात 12 बजे भोग लगाकर लड्डू गोपाल की पूजा अर्चना करें और फिर आरती करें।

– अब घर के सभी सदस्यों को प्रसाद दें।

– अगर आप व्रत रख रहे हैं तो दूसरे दिन नवमी को व्रत का पारण करें।

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