Fight Force : Galwan Ghati भारतीय 20 सैनिकों की मौत या शहीद, PM क्या आज करेंगे देश को संबोधित??

94

Galwan Ghati में  15/16 तारीख की मध्य रात्रि  45 सालों के बाद खूनी संघर्ष में बदल गई और हमारे देश के 20 वीर योद्धा काल का ग्रास बन गये. आखिर क्यों ??

Fast Footer|| एक लंबे अरसे से भारत और चीन में व्यापारिक सम्बन्ध हैं. ऐसा माना जाता है कि जब किन्ही दो देशों में व्यापारिक रिश्ते हों तो उनमें एक दोस्तना सामंजस और सम्बन्ध मधुर होते हैं. भारत और चीन में भी व्यापारिक सम्बन्ध हैं बल्कि आकड़ों को देखा जाए तो हम चीन के लिए एक बड़ा बाज़ार है, फिर क्यों ये सीमा पर चीन हमेशा तनाव रखता है?… आगे जानेंगे

जहाँ एक तरफ चीन भारत से लगातार अरबों खरबों की आमदनी कर रहा है वही दूसरी हमें लगातार आखें भी दिखता है, LAC पर अपनी घुसपैठ की आदतों का शिकार और लगातार ताकतवर बनने की प्यास चीन की पुरानी आदत है पर हमारे देवतुल्य पीएम की दोस्ती भी लगता है चीन की ये आदत बदल नही पाई.

Galwan Ghati में 20 हमारे शहीद (मरे) तो 43 चीन के भी घायल

Galwan Ghati

सेना ने बयान जारी कर इसकी पुष्टि की है. सेना की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि ‘भारतीय और चीनी सैनिक गलवान क्षेत्र में अलग हो चुके हैं जहां वे पहले 15/16 जून 2020 की दरमियानी रात को भिड़ गए थे. 17 भारतीय सैनिक जो स्टैंड ऑफ लोकेशन पर ड्यूटी करते हुए गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उच्च ऊंचाई वाले इलाके में शून्य से कम तापमान में एक्सपोज हो गए थे, उनकी चोटों के कारण जान चली गई है, जिसके बाद इस झड़प में कुल मिलाकर 20 जवानों ने जान गंवाई.

लद्दाख की Galwan Ghati में चले खूनी संघर्ष में भारत ने अपने 20 यौद्धा खो दिए. संघर्ष में चोटिल हुए सैनिक विपरीत परिस्तिथियों के चलते जान गवां बैठे और देश को अपने 20 सूरमाओं को खोना पड़ा. 2014  में पीएम बनने के बाद माननीय मोदी जी का सबसे बड़ा एजेंडा सेना के साधनों को मजबूत करना था. तो हमारे 17  घायल सैनिक काल का ग्रास बन गये? क्या पीएम सर या रक्षा मंत्रालय देश को समझायेगा, जब सरकार देश के सेनिकों के लिए गंभीर है तो ऐसा क्यों हुआ?

Galwan Ghati में हुए खूनी संघर्ष को क्या झड़प कहा जाये?

लद्दाख Galwan Ghati में 15/16 की मध्य रात्रि को हुए संघर्ष, जिसमें 20 हमारे सैनिकों की मौत हुए तो वही ANI के हवाले से पता चला की 43 सैनिक चीन के भी घायल हुए हैं और अभी दोनों ही तरफ के कई सैनिक हताहत हैं. क्या ऐसे संघर्ष को झड़प की संज्ञा देना उचित है? जिसमे 63 का अकड़ा तो सामने है. सिविल दुनिया में यदि ऐसे कोई घटना हो तो हम उसे गैंगवार या खूनी संघर्ष की उपमा देते हैं. तो क्या Galwan Ghati में जो उस रात हुआ वो सैन्य दृष्टि से युध्द का छोटा स्वरुप नहीं है!!

सोशल मीडिया पर छाए रहने वाले पीएम की Galwan Ghati पर अब तक कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं??

देश को सोशल मीडिया की ताकत से परिचय कराने वाले पीएम मोदी जी की तरफ से अब तक उनके किसी भी सोशल मीडिया पर कोई प्रतिक्रिया नही आई आई है. ऐसा क्यों? जबकि विपक्ष ही नही देश का हर वासी सोशल मीडिया पर इस मामले में अपनी प्रतिक्रियां दे रहा है.

Galwan Ghati Galwan Ghati

Galwan Ghati पर क्या मोदी जी आज देश को संबोधित कर बताएँगे सच?

15/16 की मध्य रात्रि के खूनी संघर्ष को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार कई बातें और कहानियाँ ट्रोल हो रही हैं. जिससे देशवासी भ्रमित हो रहे हैं. चूँकि मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है, हमलावर चीन है तो लाज़मी है चिंता तो बढ़ेगी ही. दूसरी तरफ नेपाल की भी समस्या सामने खड़ी है, कोरोना के चलते देश में रोजगार का संकट गहराता जा रहा है, आर्थिक स्तिथियाँ बद से बत्तर हो रही है, उसके ऊपर इन “हिंदी चीनी भाई-भाई” का नारा लगाने वाले चीन की गुस्ताखी!!

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *